पुरी: भगवान जगन्नाथ की नौ दिवसीय विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा शुक्रवार को बहुड़ा यात्रा के साथ अपने अंतिम चरण में पहुंच गई। महाप्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा अपने-अपने रथों पर सवार होकर श्रीमंदिर लौटे। इस दौरान पुरी की ऐतिहासिक बड़दांड (ग्रैंड रोड) पर श्रद्धा का ऐसा सैलाब उमड़ा कि लाखों भक्तों ने रथों के दर्शन करने के साथ-साथ रस्सी खींचकर पुण्य अर्जित किया।
यात्रा की शुरुआत पारंपरिक 'पहंडी' रस्म से हुई, जिसमें चक्रराज सुदर्शन के बाद क्रमशः भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को रथों पर विराजमान किया गया। इसके बाद पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने सदियों पुरानी 'छेरा पहंरा' परंपरा निभाते हुए स्वर्ण झाड़ू से तीनों रथों की सफाई की। यह परंपरा भगवान के समक्ष सभी के समान होने का संदेश देती है।
निर्धारित समय से करीब एक घंटा पहले शाम 4:20 बजे "जय जगन्नाथ" और "हरिबोल" के जयघोष के बीच रथ खींचना शुरू हुआ। श्रद्धालुओं के उत्साह के चलते भगवान बलभद्र का तालध्वज, देवी सुभद्रा का दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ उसी दिन श्रीमंदिर के सिंहद्वार तक पहुंच गया।
यात्रा के दौरान मौसी मां मंदिर के पास भगवान जगन्नाथ को परंपरागत पोड़ा पीठा का भोग अर्पित किया गया। वहीं राजनहर के समीप भगवान जगन्नाथ और माता महालक्ष्मी के बीच होने वाली पारंपरिक लक्ष्मी-नारायण भेंट की रस्म भी श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई।
हालांकि, इस भव्य आयोजन के बीच सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक भी सामने आई। श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी ने बलभद्र के रथ पर बिना अधिकृत अनुमति के सेवक बनकर चढ़े एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पहचान होने के बाद उसे तत्काल सुरक्षा अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद प्रशासन ने रथों पर केवल अधिकृत सेवकों को ही प्रवेश देने के निर्देश जारी किए।
प्रशासन के अनुसार, बहुड़ा यात्रा में अकेले 8 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए ओडिशा पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) सहित करीब 13 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इस वर्ष अब तक पूरी रथयात्रा में 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पुरी पहुंच चुके हैं।
अब शनिवार को भगवान जगन्नाथ का भव्य 'सुना वेश' (स्वर्ण श्रृंगार) होगा, रविवार को 'अधरपाना नीति' और सोमवार को 'नीलाद्रि बीजे' की रस्म के साथ महाप्रभु पुनः श्रीमंदिर के रत्न सिंहासन पर विराजमान होंगे।
इस अवसर पर राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, सांसद संबित पात्रा, राज्यसभा सांसद सुबाशीष खुंटिया सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरे आयोजन की निगरानी श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी, पुरी के जिलाधिकारी दिव्यज्योति परिड़ा और पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने की।