लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पासपोर्ट बनवाने के लिए लंबे समय से अपॉइंटमेंट का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बढ़ती मांग और लंबी वेटिंग को देखते हुए पासपोर्ट विभाग ने 1 अगस्त को विशेष अभियान के तहत प्रदेश के 49 जिलों के आवेदकों के लिए 4,500 अतिरिक्त अपॉइंटमेंट स्लॉट खोलने का फैसला किया है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ज्ञानवीर सिंह ने बताया कि 1 जुलाई से पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी लागू होने से पहले बड़ी संख्या में लोगों ने 30 जून तक पुरानी फीस का लाभ लेने के लिए सामान्य श्रेणी के अपॉइंटमेंट पहले ही बुक करा लिए थे। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में सामान्य श्रेणी के अपॉइंटमेंट सितंबर से पहले उपलब्ध नहीं हैं।
फिलहाल केवल तत्काल स्लॉट उपलब्ध
वर्तमान में अधिकांश जिलों में सिर्फ तत्काल श्रेणी के अपॉइंटमेंट उपलब्ध हैं, जिनकी फीस करीब 5,000 रुपये है। ऐसे में जिन लोगों को जल्द पासपोर्ट की जरूरत है, उन्हें अतिरिक्त शुल्क देकर तत्काल सेवा का सहारा लेना पड़ रहा है।
17 अगस्त से लागू होगा नया नियम
पासपोर्ट विभाग ने एक और अहम बदलाव की घोषणा की है। 17 अगस्त से आवेदन से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए बिना अपॉइंटमेंट क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पहुंचने की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी। अब हर आवेदक को पहले ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य होगा।
रोजाना बढ़ाए जाएंगे अपॉइंटमेंट
अधिकारियों के अनुसार, अभी रोजाना लगभग 200 लोग अपॉइंटमेंट लेकर लखनऊ कार्यालय पहुंचते हैं, जबकि करीब 500 लोग बिना अपॉइंटमेंट सीधे कार्यालय आ जाते हैं। इससे व्यवस्था प्रभावित होती है और लोगों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है।
नई व्यवस्था के तहत रोजाना शिकायत और सहायता से जुड़े अपॉइंटमेंट की संख्या 200 से बढ़ाकर 500 की जाएगी, ताकि अधिक लोगों को व्यवस्थित तरीके से सेवा मिल सके।
विभाग की अपील
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ज्ञानवीर सिंह ने आवेदकों से अपील की है कि आवेदन से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सीधे कार्यालय आने के बजाय पहले ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें। उनका कहना है कि इससे आवेदकों का समय बचेगा, भीड़ कम होगी और सभी का काम तय समय पर पूरा हो सकेगा।