जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान ने हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार दिया है. लेकिन ऐसा लगता है कि गृह मंत्रालय इस अधिकार को खत्म करना चाहता है. दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है. गृह मंत्रालय ने ही एक दिन पहले पुराने कमिश्नर को हटाकर दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति की थी. अगर उनकी पहली बड़ी कार्रवाई शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सख्ती करना है, तो यह चिंता की बात है. इससे लगता है कि सरकार संविधान से ज्यादा राजनीतिक आदेशों को महत्व दे रही है.
उन्होंने आगे कहा, "पहले महिला पहलवानों के प्रदर्शन में कार्रवाई हुई, फिर पूर्व सैनिकों के साथ भी सख्ती की गई. अब सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से भी यही संदेश मिलता है कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की समस्या मान रही है. यह दुख की बात है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में लोकतांत्रिक अधिकारों को इस तरह दबाने की कोशिश हो रही है.