नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सोमवार, 20 जुलाई 2026 को CJP ने 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया है। इस प्रदर्शन में देशभर से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावकों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।
जंतर-मंतर पर जुटने लगे प्रदर्शनकारी
मार्च के समर्थन में 19 जुलाई की शाम से ही बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचने लगे। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे हैं।
संसद सत्र के बीच दिल्ली में हाई अलर्ट
संसद के मानसून सत्र के साथ होने वाले इस प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
जंतर-मंतर समेत कई इलाकों में थ्री-टियर सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक समेत कई प्रमुख इलाकों में थ्री-टियर सुरक्षा ग्रिड बनाया है। इसमें दिल्ली पुलिस की दो सुरक्षा परतों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स की एक अतिरिक्त परत भी तैनात की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें 24 घंटे स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।
दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी सार्वजनिक एडवाइजरी में कहा कि 'चलो संसद' मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई अनुमति दी गई है। पुलिस ने लोगों से किसी भी अनधिकृत मार्च में शामिल न होने की अपील की है।
धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बताया कि संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि, जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
CJP की प्रमुख मांगें
कॉकक्रोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—
- NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
- परीक्षा विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- देश में बढ़ती बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों में देरी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग।
पूरे घटनाक्रम पर रहेगी नजर
संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन प्रस्तावित इस प्रदर्शन ने राजधानी की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था दोनों की परीक्षा बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।