Reliance Jio Platforms IPO को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलने का दावा, QIB कैटेगरी में भारी मांग। जानें सब्सक्रिप्शन, अलॉटमेंट और लिस्टिंग की संभावित तारीखें।
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर बाजार में काफी चर्चा है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 21 अक्टूबर को खुलने के बाद इश्यू के पहले दिन संस्थागत निवेशकों ने इसमें मजबूत दिलचस्पी दिखाई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि IPO खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
रिटेल निवेशकों की भी बढ़ी दिलचस्पी
रिपोर्ट के अनुसार, 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक खुदरा निवेशकों का कोटा एक गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया था। पहले दिन यह हिस्सा 0.73 गुना भरा था। वहीं, उपलब्ध कराए गए आंकड़ों में QIB कैटेगरी को 9.42 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों को 2.34 गुना, शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से को 2.06 गुना और कर्मचारियों के कोटे को 1.61 गुना सब्सक्रिप्शन मिलने का दावा किया गया है।
हालांकि, ये आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। निवेश से पहले BSE या NSE पर उपलब्ध नवीनतम आधिकारिक सब्सक्रिप्शन डेटा जरूर जांचें।
23 अक्टूबर को बंद होगा IPO?
दी गई जानकारी के मुताबिक, IPO की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 बताई गई है। शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर और BSE तथा NSE पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर को संभावित बताई गई है। इन तारीखों की आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है।
फ्रेश इश्यू से जुटाई जाएगी रकम
रिपोर्ट के मुताबिक, इश्यू में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाने की बात कही गई है। फ्रेश इश्यू में जुटाई गई रकम कंपनी को मिलती है, न कि मौजूदा शेयरधारकों को उनकी हिस्सेदारी बेचने के बदले। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, नेटवर्क विस्तार, AI टेक्नोलॉजी और अन्य कारोबारी योजनाओं के लिए कर सकती है—हालांकि वास्तविक उपयोग इश्यू के आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक ही माना जाना चाहिए।
IPO में निवेश करने से पहले प्राइस बैंड, न्यूनतम निवेश, जोखिम और आधिकारिक दस्तावेजों की जांच करें। केवल ज्यादा सब्सक्रिप्शन के आधार पर लिस्टिंग में मुनाफे की गारंटी नहीं मानी जा सकती।