दिवाली के अहम कारोबारी सीजन से पहले दिल्ली के व्यापारियों ने प्रस्तावित धरना-प्रदर्शनों को लेकर चिंता जताई है। व्यापारिक संगठनों को आशंका है कि 25 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच होने वाले कार्यक्रमों के कारण बाजारों तक ग्राहकों की आवाजाही, यातायात और माल की ढुलाई प्रभावित हो सकती है। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय समेत कई प्रमुख लोगों से हस्तक्षेप की अपील की है।
दिवाली के कारोबार पर असर की आशंका
व्यापारियों के मुताबिक, दिवाली का समय दुकानदारों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी दौर में से एक है। इस दौरान होने वाली बिक्री से छोटे व्यापारियों, कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवारों की आजीविका जुड़ी होती है।
पुरानी दिल्ली और सदर बाजार जैसे प्रमुख थोक बाजारों में देशभर से व्यापारी और खरीदार सामान लेने पहुंचते हैं। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि सड़कों पर जाम या यातायात संबंधी बाधाएं आती हैं, तो ग्राहकों को बाजारों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इससे बिक्री के साथ-साथ दुकानों तक सामान पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है।
व्यापारियों ने प्रशासन से क्या मांग की?
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, एमसीडी कमिश्नर और राहुल गांधी से मामले पर ध्यान देने की अपील की है।
उन्होंने प्रस्तावित कार्यक्रम को दिवाली के बाद आयोजित करने, स्थगित करने या किसी वैकल्पिक स्थान पर करने के विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया। साथ ही, संबंधित प्रशासन से कार्यक्रमों की अनुमति और यातायात व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।
रामलीला मैदान में प्रदर्शन को लेकर भी चिंता
सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन की अनुमति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
उनका कहना है कि सदर बाजार, चांदनी चौक, आजाद मार्केट, खारी बावली और फतेहपुरी जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों पर बड़े प्रदर्शनों का असर पड़ सकता है। इन इलाकों में रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक, व्यापारी और मालवाहक वाहन पहुंचते हैं।
व्यापारियों की मांग है कि प्रदर्शन की व्यवस्था तय करते समय यातायात, बाजारों तक पहुंच और कारोबारियों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाए। हालांकि, कारोबार पर कितना असर पड़ेगा, यह यातायात व्यवस्था और प्रशासन की ओर से किए जाने वाले इंतजामों पर निर्भर करेगा।